Miscellaneous-विविधा - 9 Comments » - Posted on April, 4 at 11:25 pm
भारत सरकार की अमीरपरस्त और विदेशपरस्त नीतियों का सबसे ज्वलंत उदाहरण तब सामने आया जब पता चला कि देश की बहुत बड़ी पूंजी स्विट्जरलैंड और अन्य कई देशों के बैंकों में अवैध रूप से जमा है और सरकार उसे वापस भारत लाने के पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है।
गुप्त और काले धन के गढ़ के [...]
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Miscellaneous-विविधा - 3 Comments » - Posted on April, 4 at 11:21 pm
आजादी के बाद कांग्रेस ने जिस राजनीति की शुरुआत की, आज उसका फैलाव चारो ओर दिखता है। सरकार बनाने और बनवाने की दौड़ में आज जितनी भी पार्टियां हैं, सभी में कांग्रेसी कल्चर का स्पष्ट प्रभाव है। हां उसकी छटा में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है। सभी दलों में नेतृत्व के स्तर पर सहज तौर पर नए लोगों को जोड़ने और पुराने लोगों के विकल्प खड़ा करने की व्यवस्था खत्म सी हो गयी है।
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Miscellaneous-विविधा - No Comments » - Posted on April, 4 at 11:20 pm
जब हम भारतपरस्त की बात करते हैं तो हमें यह स्पष्ट तौर पर समझ लेना चाहिए कि अमेरिका में जो हो रहा है वैसा ही भारत में होने की इच्छा रखना ठीक नहीं है।
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Miscellaneous-विविधा - No Comments » - Posted on April, 4 at 11:19 pm
जब हम गरीबपरस्त की बात करते हैं तो उसमें स्वाभाविक तौर पर समाज के सबसे आखिरी पायदान पर जीवन बसर करने वालों तक लाभ पहुंचाने वाली नीतियों का निर्धारण सबसे पहले आता है। इस बात से हम सब वाकिफ हैं कि आज भारत में नीति निर्धारण का कार्य थैलीशाहों के इशारे पर हो रहा है। [...]
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Miscellaneous-विविधा - No Comments » - Posted on April, 4 at 11:17 pm
भारतपरस्त और गरीबपरस्त नीतियां आपस में पूरक हैं, उनमें कोई विरोधाभास नहीं है। इनके दायरे में आने वाली सभी बातों को इस दस्तावेज में शामिल करना संभव नहीं है, फिर भी हम कुछ खास बिंदुओं की चर्चा करना जरूरी समझते हैं। पीछे कही गई बातों के साथ-साथ हम चाहते हैं कि गरीबपरस्त और भारतपरस्त व्यवस्था [...]
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Miscellaneous-विविधा - No Comments » - Posted on April, 4 at 11:13 pm
नोटा यानी खडे उम्मीदवारों में से कोई नहीं (None of the above) के विकल्प से सर्वसाधारण से परिचय कराते हुए उन्हें यह औजार मुहैया कराया जाना चाहिए। ऐसा हो जाने पर जनभावना सही तरह से चुनाव में परिलक्षित हो सकती है।
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Miscellaneous-विविधा - No Comments » - Posted on April, 4 at 11:11 pm
यदि हमारी चुनाव प्रणाली दोषरहित हो जाए तो काफी समस्याएं अपने आप सुलझ जाएंगी। देश की राजनीति स्वत: भारतपरस्त और गरीबपरस्त होने की राह पर चल पड़ेगी, क्योंकि जनता को इसी की जरूरत है। चुनावों में अपदस्थ किए जाने के डर से कोई भी सरकार इसके विपरीत आचरण नहीं करेगी। जो भी सरकार इसके विपरीत [...]
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Links-लिंक्स - 1 Comment » - Posted on April, 1 at 11:17 am
स्विस बैंक का धन वापस भारत लायें – शरद यादव
राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि स्विस बैंक में भारत का जितना काला धन जमा है, उससे देश की गरीबी और… कि स्विस बैंक में सभी देशों का काला धन जमा है़ उन्होंने कहा कि स्विस बैंक ने जो रहस्योदघाटन किया… भारतीय राजनेताओं और नौकरशाहों [...]
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