ﻁ बुलंद हुई आम जनता की आवाज़ | राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन | RASHTRIYA SWABHIMAN ANDOLAN

 

राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन | RASHTRIYA SWABHIMAN ANDOLAN

  साहस - पहल - प्रयोग        संवाद - सहमति - सहकार         Courage - Initiative - Exeperiment         Dialogue - Concurrence - Collaboration


बुलंद हुई आम जनता की आवाज़

भूख-हड़ताल के तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन 

केंद्रीय बजट का 7 प्रतिशत सीधे ग्राम पंचायतों को देने की मांग को लेकर राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन की तरफ से आयोजित तीन दिवसीय भूख हड़ताल का दिल्ली में 11 मार्च को समापन हो गया। इस कार्यक्रम में अपनी आवाज़ सरकार तक पहुंचाने के मक़सद से बड़ी संख्या में लोगों ने भागीदारी की। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित इस भूख हड़ताल की शुरूआत 9 मार्च को राष्ट्रीय संयोजक के एन गोंविदाचार्य ने की थी। कार्यक्रम में अलग-अलग राज्यों से कई समविचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। राष्ट्रीय स्वाभिमान आँदोलन के ग्राम स्वराज्य अभियान के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

सरकार ने अनसुनी की थी मांग 

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने बजट राशि का 7 फीसदी सीधे ग्राम पंचायतों को आवंटित करने से संबंधी सुझाव भेजे थे…लेकिन सरकार की तरफ से इस मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 8 फरवरी 2010 को जंतर-मंतर पर आयोजित सांकेतिक धरने में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने केंद्र सरकार के सामने ये सुझाव रखा था…इसे बाद में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी को भी भेजा गया। लेकिन 26 फरवरी को आयोजित केंद्रीय बजट में इन सुझावों को कोई अहमियत नहीं दी गई। जिसके बाद देश के स्वाभिमान को जगाने के लिए राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन ने देशव्यापी जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया….और इसके तहत जंतर मंतर पर तीन दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया गया था। 9 मार्च को हुई शुरूआत के बाद इसका समापन 11 मार्च को हुआ।

 देशभर से बड़ी भागीदारी 

कार्यक्रम के तीन दिनों में देशभर से कई संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी रही। इनमें सूचना अधिकार क़ानून को लेकर जनजागृति पैदा करने में लगे अरविन्द केजरीवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजय पासवान, नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख नेता मेधा पाटेकर, आनंदमार्ग संगठन के स्वामी संतोषानंद गिरि, स्वामी हंसानंद, ‘भारत जोड़ो’ संगठन के भरत गांधी, वरिष्ठ समाजसेवी सत्यप्रकाश भारत और वरिष्ठ पत्रकार अवधेश कुमार और पूर्व सांसद मणिशंकर डोंगरे शामिल थे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक के एन गोविंदाचार्य, सह संयोजक रमेश दुग्गड़, ग्राम स्वराज्य अभियान के संयोजक सुरेंद्र बिष्ट, राष्ट्रीय सचिव राकेश दुबे, आंदोलन के मध्यभारत के संयोजक राजेंद्र परसाई, दिल्ली प्रांत के संयोजक प्रवीण कपूर, दिल्ली प्रांत के संगठक पंकज विद्यार्थी, दिल्ली प्रांत के प्रभारी और राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अतुल अग्रवाल, गौ ग्राम के हरपाल जी की उपस्थिति प्रमुख रही।

बापू के सपनों की दिलाई याद

समन्वित विकास,…और इसका लाभ गांवों तक पहुंचाने की मांग राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन प्रमुखता से उठाता रहा है….संगठन की मांग है कि देश में विकेंद्रित और संतुलित विकास के मक़सद से गांधीजी के ग्राम स्वराज के सपने को साकार करने के लिए केंद्र सरकार को नई पहल करनी चाहिए। जिसके तहत सीधे बजट राशि का 7 फीसदी ग्राम पंचायतों को आवंटित करना चाहिए।

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