राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन

से-नो -२-चाइना

चीन के साथ भारत का संबंध आजकल जोरों से चर्चा में है। साथ ही चर्चा में तनाव भी झलकता है आंशकांएं भी उमड़ रही हैं। सीमा विवाद भी है, व्यापारिक हितों का टकराव भी है। आर्थिक युद्ध भी है आयुद्ध युद्ध भी है। इन सारी स्थितियों में सरकार क्या करें। समाज क्या करें दोनों महत्वपूर्ण है। आयुद्ध युद्ध की रचना सरकार ज्यादा अच्छी तरह कर सकती है और जो सीमा विवाद कें संदर्भ में जो बात है उसमें सभ्यता मूलक विचार और राजनैतिक लोगों का विचार। दोनों की संतुलित रहना जरूरी है।

आज से दो सौ साल पहले चीन की वह सीमा नहीं थी लेकिन आज बढ़ी हुई दिखती है। भारत की राजनैतिक सीमा ज्यादा बढ़ी थी अब कम हुई है। इनसब फेक्ट को ध्यान में रखकर जन का क्या कर्तव्य है। आज के तनावपूर्ण जनता में आक्रोश है। देश के प्रति संकल्प को सुदृढ़ करना। राष्ट्रीय सुरक्षा की प्रतिबद्ध करना।