श्री के. एन. गोविंदाचार्य
पिताजी - मूल तमिलनाडु से संस्कृत के विद्वान। अध्यापन हेतु तिरुपति और बनारस में।
माताजी - मूल तिरुपति से।
जन्म - 1943 तिरुपति में। डेढ वर्ष की आयु में परिवार के साथ बनारस आगमन।
शिक्षा - एम. एस. सी.- गणित- बनारस हिंदु विश्वविद्यालय से-1962।
संघ प्रचारक - 1965 से 2002 तक।
जेपी आंदोलन - 1974 से 1977 तक प्रत्यक्ष और भूमिगत रहकर सक्रिय सहभाग।
अभाविप - 1976 से 1988 तक विविध् जवाबदारियां – राष्ट्रीय टीम के सदस्य के रूप में।
भाजपा - 1988 से 2000 तक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में। भाजपा की विचारधरा के प्रवक्ता के रूप में प्रसिद्ध हुये। इसी दौरान कौटिल्य शोघ संस्थान व समाजनीति समिक्षण केंद्र की स्थापना।
सन 2000 - अध्ययन अवकाश पर 2 वर्ष के लिये।
जनवरी 2003 - अध्ययन अवकाश से लौटने के पश्चात भाजपा की सदस्यता को नवीनीकरण न कराने तथा स्वंतत्र रूप से क्रियाशील रहने की घोषणा। देशभर में प्रवास करके सज्जनशक्ति से संवाद।
मई 2004 - श्रीमती सोनिया गाँधी के प्रधानमंत्री बनने की आशंका उत्पन्न होने पर ‘राष्ट्रीय स्वाभिमान आंदोलन’ के बैनर तले आंदोलन व सफलता।
नवंबर 2004 - प्रथम भारत विकास संगम का आयोजन। अपने अध्ययन और अनुभव के आधर पर ‘‘व्यवस्था परिवर्तन’’ की अपरिहार्यता का प्रतिपादन और उस हेतु आंदोलनात्मक, रचनात्मक तथा बौध्दिक कार्यों में एक साथ सक्रिय रहने की घोषणा। आंदोलन के विविध घटकों के बीच संवाद के लिए मासिक पत्रिका भारतीय पक्ष का प्रकाशन प्रारंभ किया। देशभर में भ्रमण और सज्जनशक्ति से संवाद।
जनवरी 2008 - द्वितीय भारत विकास संगम का आयोजन। आंदोलनात्मक, रचनात्मक तथा बौध्दिक कार्यो के लिये स्वतंत्रा संगठन बनाने की आवश्यकता का प्रतिपादन।
अगस्त 2010 - समधर्मी संगठनों को एकत्र करके ‘‘व्यवस्था परिवर्तन’’ के कार्य को निर्णायक दिशा में आगे ले जाने के लिये सक्रियता बढ़ायी।
दिसंबर 2010 - 23 दिसंबर 2010 से 1 जनवरी 2011 तक – विशाल भारत विकास संगम की आयोजन किया।