राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन

राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन

राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन भारत की सामाजिक, राजनैतिक एवंआर्थिक व्यवस्थाओं से उपजे मौलिक प्रश्नों का उत्तर तलाशने में सक्रिय विचारकों और कार्यकर्ताओं का एक लचीला संगठन है। आन्दोलन द्वारा सर्वस्वीकृत मूल्यों, मुद्दों और लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता ही राष्ट्रीय स्वाभिमान आन्दोलन के कार्यकर्ताओं की श्रेष्ठता की कसौटी है। जाति, धर्म, लिंग, क्षेत्र, भाषा आदि का किसी भी प्रकार का विभाजक रुप इसमें मान्य नही है। आन्दोलन होनेके नाते चुनावी राजनीति में इसकी भूमिका ना रही है ना आगे कभी रहेगी लेकिन देश की राजनीति को मूल्यों और मुद्दों की पटरी पर लाने और बनाये रखने के लिए आन्दोलन अपनी सक्रिय हस्तक्षेप की भूमिका से कभी पीछे नही हटेगा। चुनावी राजनीति से इतर यह एक सामाजिक राजनीतिक आन्दोलन है।.

” समाजवाद हो या पूंजीवाद, ये दोनों रास्ते भारत के नही हो सकते। इसका अर्थ ऐसा नही है कि मै दुनिया के दूसरे देशों के लिए
भी पूंजीवाद या समाजवाद को गलत ठहरा रहा हूँ। मेरा सिर्फ इतना कहना है कि व्यवस्था के हिसाब से देश बनाने की जगह देश के हिसाब से व्यवस्था बनानी चाहिये। “

के. एन. गोविन्दाचार्य

हमारा न्यूज़ लेटर

What people say

Kenny Miller
I always want to join charity activities. Their activities gave me a lot of experience, i go to many land, meet many people and know that there are many poor people that need our help.
Akira Tunr
I understand the difficulties that people at there faced. In order to contribute to resolve this problems, our nonprofit organization usually part in charity events and activities.
Tony Brown
I always want to join charity activities. Their activities gave me a lot of experience, i go to many land, meet many people and know that there are many poor people that need our help.
Peter Jackson
I understand the difficulties that people at there faced. In order to contribute to resolve this problems, our nonprofit organization usually part in charity events and activities.